एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में रहने वाले एक लड़के का नाम राहुल था। राहुल बचपन से ही अजीब और अनोखे चीजों का दीवाना था। वह रोजाना अपने दोस्तों को भूतिया कहानियों से डराने में लगा रहता था। लेकिन खुद भी डरना पसंद करता था। रात के समय जब उसके घर में अंधेरा छा जाता था, तो उसकी रूह कंप जाती थी।
एक दिन, राहुल और उसके दोस्त गोलू और मोलू ने एक वन्डरिंग वुड्स में जाने का प्लान बनाया। वो वन्डरिंग वुड्स कहते थे क्योंकि ये जगह अपने रहस्यमयी और भयानक घटनाओं के लिए प्रसिद्ध थी। जब वे जंगल में पहुंचे, तो वहां की गहरी शोक से राहुल का भय और भी बढ़ गया।
जंगल के भीतर राहुल, गोलू और मोलू ने एक पुरानी खाली हुई हवेली देखी। वे खुद बचपन से भूतिया हवेलियों की कहानियों सुनते आए थे, इसलिए उन्हें वहां जाने में कोई दिक्कत नहीं हुई। धीरे-धीरे, उन्होंने हवेली के अंदर घुसा लिया।
हवेली के अंदर घूमते हुए, वे अपनी जाँच करने लगे। वहां बरसात की आवाज़ थी, और सीने की ठंडक के बावजूद उन्हें एक अजीब सी गर्माहट महसूस हो रही थी। धीरे-धीरे, वे भयभीत होने लगे और वन्डरिंग वुड्स में वापस जाने की सोचने लगे। तभी एक छिपी हुई कमरे से एक भूत निकला और उन्हें देखकर रोने लगा।
राहुल, गोलू और मोलू की आंखें फटी रह गई। वे डर के मारे भागने लगे और हवेली से बाहर निकल आए। जब वे वन्डरिंग वुड्स से बाहर निकले, तो राहुल ने एक नोटिस बोर्ड पर एक सुस्पष्टिकरण पाया।
नोटिस बोर्ड पर लिखा था, "हवेली के अंदर न जाएं, यहां रहने वाले किसी को ख़तरा होता है। यहां कुछ अजीब और रहस्यमयी बातें होती हैं, जिन्हें समझना आपके बस की बात नहीं।"
राहुल, गोलू और मोलू ने वहां से फिर वन्डरिंग वुड्स के बाहर वापसी की और उन्होंने खुद को वहीं अपने गाँव के रसोईघर में पहुँचते देखा, जहां उनके माता-पिता रात का खाना बना रहे थे।
यह रही एक डरावनी और भयानक हॉरर कहानी। जीवन में हमें विचारशील रहना चाहिए क्योंकि अक्सर अनजाने में हमारे सामने कुछ ऐसा आ सकता है जिससे हमें डर लग सकता है। लेकिन हर डरावनी कहानी के बारे में एक बात याद रखना जरूरी है - यह सिर्फ कहानी होती है और हकीकत में ऐसी चीजें नहीं होतीं।
दिल्ली के नजदीक आगरा शहर में विश्वप्रसिद्ध ताजमहल है, जिसे भारत की मुग़ल शासक शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। ताजमहल के सुंदरता को देखकर हर किसी को मोह लेने वाली एक कहानी गूंजती रहती है, लेकिन इस खूबसूरत इमारत के पीछे छिपी एक भयानक रहस्यमयी कहानी भी है।
कई लोगों के अनुसार, रात को जब ताजमहल बिलकुल अंधेरे में ढल जाता है, तो वहां एक प्रेतात्मा घूमती है - राजकुमारी मुमताज़, जिसकी मौत हो गई थी जब वह सिर्फ १९ वर्ष की थी। इसे देखने की बात ज्यादातर लोगों ने रिपोर्ट किया है, जिन्होंने रात को ताजमहल में रहने का अनुभव किया है।
एक बार, एक जुनूनी पत्रकार, विक्रम नाम का, ताजमहल में एक रिसर्च करने का निर्णय लिया। वह रात भर वहां रहने को तैयार था और उसने अपने आस-पास के सभी उपकरणों को साथ लिया था - वीडियो कैमरा, फ़ोटो कैमरा, वॉयस रिकॉर्डर, इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर आदि।
जब रात को ताजमहल खुला था, विक्रम अकेले ही इसे खोजने के लिए अंदर घुस गया। उसके आगमन के बाद, वह अपने कैमरे से ताजमहल की खूबसूरत चित्रें क्लिक करने लगा। रात के ढलते समय, उसने वॉयस रिकॉर्डर से सिर्फ शांति की आवाज़ रिकॉर्ड की और वीडियो कैमरे के लिए भी कुछ वीडियो शॉट लिए।
धीरे-धीरे विक्रम को नींद आने लगी और वह अपना सूटकेस पकड़कर एक पलंग पर लेट गया। रात बिताने के लिए, वह ताजमहल के बगीचे में एक सुरंग में चला गया था और शांति के साथ खोया हुआ था।
कुछ समय बाद जब वह वापस ताजमहल लौटा, तो वह अपने सूटकेस से उतरकर देखा कि वहां एक हार्ड ड्राइव पड़ा हुआ था। विक्रम हार्ड ड्राइव को चेक करने के लिए उसे अपने कंप्यूटर से जोड़ा और उसमें एक वीडियो फ़ाइल मिली।
जब विक्रम वीडियो देखने लगा, तो उसे बड़ी ही चौंक पड़ी। वीडियो में उसके बिस्तर पर उसकी खुद की तस्वीर दिख रही थी, जिसमें वह सो रहा था, लेकिन वीडियो का तारीक दिन उसी रात का था। वह हिला नहीं पा रहा था और अचानक उसने समझ लिया कि ताजमहल में वह राजकुमारी मुमताज़ के साथ नहीं अकेले था, बल्कि कोई और भी उसके साथ था।
वीडियो के आखिरी पलों में, उसने देखा कि एक अंधेरे सी आँख उसे देख रही थी, जिसके बाद उसकी तस्वीर बिलकुल ही फ़ेड हो गई।
विक्रम को बहुत डर लगा, और वह फ़ोन पर एक राजकुमारी को बताने के लिए तैयार हो गया। राजकुमारी ने उससे कहा कि ताजमहल में कुछ अत्याचार किया गया था और उसे अंधेरे से बचने की कोशिश कर रही थी। राजकुमारी के मारने के बाद, उसकी आत्मा ताजमहल में आँखें खोल रही हैं और उसे इस संसार से आज़ादी पाने की इच्छा है। वह बताने के लिए आई है कि उसके मौत की ज़िम्मेदार उसका एक प्रेमी है, जिसका वह साथ छोड़ने को तैयार नहीं था, और उसी ने उसकी हत्या की थी।
विक्रम को राजकुमारी के विचारों का सामना करना पड़ा, और उसने उसे शांति प्रदान की और उसे यह आश्वासन दिया कि वह राजकुमारी की मौत का रहस्य खुलने में मदद करेगा।
इस घटना के बाद से, विक्रम ने ताजमहल के भूतिया राजकुमारी के रहस्यमयी विचारों को दुनिया के सामने लाने से इनकार कर दिया। लेकिन उसकी रात की वह अनोखी अनुभूति आज भी लोगों को दिलचस्पी और आकर्षित करती है।
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